Dhanalaxmi Scheme सरकार की एक ऐसी योजना जो लड़कियों के हित में 1,00,00 रुपए तक की मदद करती है और उनकी शिक्षा को उच्च स्तर ले जाने में मदद करती है।इस योजना को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 3 मार्च 2008 को शुरुआत की। तो आइए जानते है इस योजना की पूर्ण जानकारी जैसे की इस योजना के उद्देश्य, लाभ, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया।

धनलक्ष्मी योजना क्या है? || Dhanalaxmi Scheme Kya Hai?
धनलक्ष्मी योजना एक भारत सरकार द्वारा चलाई जाने वाली योजना है जिसके अंतर्गत बालिका अशिक्षा, भ्रूण हत्या आदि को कम करने के लिए सरकार एक लड़की के जीवन के विभिन्न चरणों में उसे एक निश्चित राशि प्रदान करती है जिससे उनकी शिक्षा को प्रोत्साहन मिले और उनका जीवन स्तर बेहतर बने यह राशि उन्हें 18 साल तक होने के बाद मिलती है। इसका मुख्य उद्देश्य बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना तथा उन्हें एक अच्छा जीवन उपलब्ध करवाना है। इसमें राशि को विभिन्न भागों में बांट कर व बालिका के भविष्य को सुनिश्चित करके दिया जाता है।
योजना का नाम | धनलक्ष्मी योजना ( Dhanalaxmi Scheme ) |
शुरुआत | 3 मार्च 2008 |
शुरुआत करने वाले | महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ( केंद्र सरकार ) |
मुख्य उद्देश्य | बालिकाओं के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, विवाह तथा वित्तीय सहायता प्रदान करना। |
प्रमुख लाभ | इस योजना के माध्यम से बालिकाओं के प्रति भेदभाव, बाल विवाह की रोकथाम करते हुए बालिकाओं को शिक्षा आर्थिक सहायता आदि प्रदान करना हैं। |
Official Website | Not Found Yet |
धनलक्ष्मी योजना के तहत बालिकाओं को विभिन्न चरणों मे मिलने वाली राशि
- बालिका के जन्म पंजीकरण पर: 5,000 रुपए
- टीकाकरण के समय: 1,250 रुपये
- बच्ची के स्कूल मे दाखिला लेने पर: 1,000 रुपये
- कक्षा 1 से 5 तक के बालिकाओं को: 500 रुपए प्रतिवर्ष
- 6 से 8 तक की बालिकाओं को: 750 रुपए प्रतिवर्ष
- बालिका के 18 वर्ष पूरे होने पर 1 लाख की बीमा राशि, शर्त यह है की बालिका की शादी नही हुई हो।
नोट: धनलक्ष्मी योजना अभी पूरे भारत के अंदर लागू नहीं की गई है ये सिर्फ उस राज्य मे उपस्थित है जिस राज्यों मे अभी भी बाल विवाह और कन्या भ्रूणहत्या, कन्या गर्भपात आदि की समस्या उपलब्ध है जैसे की:- पंजाब, उत्तरप्रदेश, ऑडिशा, आंध्रप्रदेश, बिहार, झारखंड, छतीसगढ़ के कुछ जगहों पर उपलब्ध है।
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धनलक्ष्मी योजना के लाभ
- धनलक्ष्मी योजना से बालिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलेगी।
- इस योजना के सहायता से वे उच्च शिक्षा का अर्जन कर पाएगी।
- इस योजना से मिली वित्तीय सहायता से उनकी शादी अथवा उनके शैक्षिक खर्चे में परिवार को सपोर्ट मिलेगा।
- इस योजना से भ्रूण हत्या में कमी आएगी। बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिलने से समाज के अंदर पुरुष ध्रुवीकरण में कमी आएगी।
- शिक्षित महिलाएं रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करेगी।
- बालिकाओं के परिजन को उनके भविष्य की चिंता नहीं होगी इससे बालिकाओं अथवा महिलाओं की अन्य के ऊपर निर्भरता में कमी आएगी और वे स्वतंत्र बनेगी।
- 18 वर्ष पूरा होने पर 1,0000 की वित्तीय सहायता प्रदान करना।
योजना का नाम | धनलक्ष्मी योजना |
योजना के लाभार्थी | बालिकाएं |
योजना के उद्देश्य | बालिकाओं की शिक्षा के लिए प्रोत्साहन तथा विवाह के समय सहायता राशि प्रदान करना |
दी जाने वाली राशि | 1,00000 रू. |
Official website | https://wcd.gov.in/ |
धनलक्ष्मी योजना के उद्देश्य
- महिला शिक्षा को बढ़ावा देना गर्भ भ्रूण हत्या को कम करना।
- महिलाओं अथवा बालिकाओं को शिक्षा अर्जन में सहायता प्रदान करना।
- उनका कौशल विकास कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना।
- विभिन्न प्रोत्साहन राशियों से उन्हें शिक्षार्जन में सहायता प्रदान करना।
- विवाह हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करना।
- बालिका शिक्षा को बढ़ावा दे देश के भविष्य के लिए एक मजबूत महिला रेखा तैयार करना।
- सरकार की भागीदारी को महिला हित में दर्शाना।
- राशि को जीवन के विभिन्न स्तरों में वितरित करना जिससे उसकी सुरक्षा सुनिश्चित हो।
योजना के लिए पात्रता
- आवेदक की आयु 18 से कम हो।
- 8 नवंबर 2008 के बाद जन्म लेने वाली सभी बालिकाएं।
- नियमित विद्यालय में दाखिला हो।
- संपूर्ण टीकाकरण होना चाहिए।
- बाल विवाह की स्थिति न हो।
- भारत की नागरिक हो।
योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया
- ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया – सबसे पहले आपको योजना के ऑफिशियल वेबसाइट https://wcd.gov.in/ पर जाना है, यह आपको आपकी पूछी गई जानकारी देनी है और ID बना लेनी हैं, उसी ID से आपको साइट पर जाना है और पूछी गई सारी जानकारी को सावधानीपूर्वक भर देना है, सभी स्टेप्स खतम होने पर आपको SUBMIT के ऑप्शन पर क्लिक करना है।
- ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया – नजदीकी आंगनवाड़ी में जाकर आपको धनलक्ष्मी योजना का आवेदन फॉर्म प्राप्त करना है। अब आपको उसमे पूछी गई जानकारी ध्यान से भरना है।अब हस्ताक्षर संलग्न करे तथा आवश्यक दस्तावेज को भी अटैच करे। अब संबंधित कार्यालय में इसे जमा करवा दे।